जॉस बटलर के तूफ़ान और मोहम्मद सिराज की घातक गेंदबाज़ी ने आईपीएल के इस सत्र में आरसीबी के विजयी रथ को आखिरकार थाम दिया. गुजरात टाइटंस ने लगभग एकतरफ़ा अंदाज़ में बेंगलुरु की टीम को आठ विकेट से हराया.
गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला लिया और सातवें ओवर तक बेंगलुरु की टीम के चार विकेट महज 42 रन पर चटका लिए.
विराट कोहली और रजत पाटीदार के सस्ते में आउट होने के बावजूद लियम लिविंगस्टन की 54 रनों की पारी की बदौलत आरसीबी आठ विकेट पर 169 रन तक पहुंचने में कामयाब रही. गुजरात ने 18वें ओवर में दो विकेट पर 170 रन बनाकर ये मैच जीत लिया.
आरसीबी की यह तीन मैचों में पहली हार है. इस हार के दौरान वह बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में ही उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करने में असफल रही. सही मायनों में उसने पहले दो मैचों में जिस तरह का प्रदर्शन किया था, उसकी झलक तक नहीं दिखा सकी.
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जॉस बटलर की यह नई टीम है, क्योंकि वह पिछले सीजन तक राजस्थान रॉयल्स से खेल रहे थे. आईपीएल में वह काफ़ी दबाव में खेलने आए थे.
इसकी वजह अभी कुछ ही समय पहले उनकी कप्तानी में इंग्लैंड चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका था और उनके बल्ले से रन भी नहीं निकले थे. इस कारण उन्हें कप्तानी छोड़नी पड़ी.
बटलर के बारे में कहा जाता है कि वह जब भी कुछ समय विकेट पर टिक जाते हैं, तो फिर उन्हें थामना आसान नहीं होता है.
वह शुरुआत में काफी संभलकर खेले और पहली आठ गेंदों में सिर्फ पांच रन ही बनाए थे. लेकिन रसिख सलाम की गेंदबाज़ी के दौरान नवें ओवर में दो छक्कों से 18 रन बनाकर अपने हाथ खोले और इसके बाद उन्होंने रुकने का नाम ही नहीं लिया.
बटलर ने 31 गेंदों में सीजन का दूसरा अर्धशतक पूरा करके टीम को जीत की राह पर डाला और फिर पांच चौकों और छह छक्कों से 73 रन बनाकर गुजरात टाइटंस को जीत दिला दी.
मोहम्मद सिराज ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करके गुजरात टाइटंस की जीत की राह बनाने में अहम भूमिका निभाई.
सिराज ने पॉवरप्ले के पहले तीन ओवरों में आरसीबी के दो विकेट निकालकर उसकी कमर तोड़ दी. बाद के बल्लेबाज़ों ने उसे लड़ने लायक स्कोर तक तो पहुंचाया. पर टाइटंस के बल्लेबाज़ों ने इस लक्ष्य को बौना बना दिया.
सिराज ने प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने के बाद कहा, "ब्रेक मिलने पर मैंने अपनी गेंदबाज़ी और फिटनेस पर ख़ास ध्यान दिया. गुजरात टाइटंस से जुड़ने पर आशीष नेहरा से बात की तो उन्होंने कहा, खेल का आनंद लो और जो करना है, वही करो."
उन्होंने कहा, "कोई कोच आप पर ऐसा भरोसा करे तो आपका मनोबल बढ़ता ही है. एक गेंदबाज़ के रूप में मेरा हमेशा भरोसा रहता है और यह महत्वपूर्ण भी है."
सिराज ने रिटेन नहीं करने का सिखाया सबक
मोहम्मद सिराज ने आईपीएल के पिछले सीजन में आरसीबी के लिए सर्वाधिक विकेट लिए थे. वह इस टीम के लिए पिछले सात सीजन खेले भी. पर आरसीबी ने उन्हें रिटेन नहीं किया.
सिराज ने पॉवरप्ले में फेंके तीन ओवरों में आरसीबी को दो तगड़े झटके देकर दिखाया कि आरसीबी ने उन्हें रिटेन नहीं करके ग़लती की है.
सिराज ने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ऊपर की रफ़्तार से गेंदबाज़ी करके बल्लेबाज़ों को परेशान किया. उन्होंने पहली 18 गेंदों में से आठ गेंदें ऐसी फेंकी, जो विकेट में ख़त्म हो रहीं थीं, इन पर वह फिल साल्ट और देवदत्त पडिकल के विकेट लेने में सफल हो गए.
फिल साल्ट ने सिराज की एक गेंद पर 105 मीटर का छक्का लगाकर गेंद को स्टेडियम से बाहर फेंक दिया. नई गेंद ली गई और सिराज ने अगली गेंद 145 किलोमीटर से ज़्यादा रफ़्तार की फेंक कर साल्ट को बोल्ड किया.
सिराज ने मैच में उतरने से पहले कहा कि मैं सात साल जिस टीम के लिए खेला, उसके ख़िलाफ़ उतरने पर थोड़ा भावुक हूं और थोड़ा नर्वस भी हूं. पर वह अपनी भावनाओं को मजबूत प्रदर्शन में बदलने में सफल रहे. उन्होंने 19 रनों पर तीन विकेट निकाले.
साई सुदर्शन अपना अर्धशतक बनाने से भले ही एक रन से चूक गए. पर शुभमन गिल के जल्दी आउट हो जाने पर टीम को मज़बूती की तरफ बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.
साई सुदर्शन गावसकर की तरह बल्लेबाज़ी करते समय अपने सिर को एकदम से स्थिर रखते हैं, जिससे उन्हें अपने स्ट्रोक खेलने में मदद मिलती है. सुदर्शन के खेल की खूबी यह भी है कि वह जोख़िम भरे शॉट खेलने में भरोसा नहीं रखते है और क्रिकेटिंग शॉट से ही तेज रन गति को बनाए रखने में सफल रहते हैं.
सुदर्शन ने बटलर के साथ 75 रन की दूसरे विकेट की साझेदारी से ही टीम को जीत की तरफ़ बढ़ा दिया था. इस साझेदारी के दौरान वह हमेशा बड़े भाई की भूमिका में रहे.
पर एक बात दिलचस्प रही कि वह मैच से पहले जिस शॉट को खेलने का लगातार अभ्यास कर रहे थे, उसी शॉट को हेजलवुड की गेंद पर खेलने पर कैच आउट होकर लौट गए. पर उन्होंने लौटने से पहले 36 गेंदों में 49 रन बनाकर अपना काम कर दिया था.
सुदर्शन ने इस पारी के दौरान सात चौके और एक छक्का लगाया.
आरसीबी को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाने में लिविंगस्टन और टिम डेविड की पारियों ने अहम भूमिका निभाई.
लिविंगस्टन को अर्धशतक तक पहुंचाने में गुजरात टाइटंस की ख़राब फील्डिंग ने भी अहम भूमिका निभाई. वह दो बार कैच टपकाए जाने और एक बार स्टंपिंग से बचने के कारण 18वां ओवर फेंके जाने तक दबाव में खेल रहे थे. इस समय तक उनका स्ट्राइक रेट 100 के करीब था.
18वें ओवर में राशिद खान के ख़िलाफ़ तीन छक्के लगाकर वह अपना अर्धशतक पूरा करने के साथ स्ट्राइक रेट को 135 तक पहुंचाने में सफल हो गए.
लिविंगस्टन ने अपनी इस पारी में एक चौका और पांच छक्के लगाए. सही मायनों में आरसीबी की पारी को संवारने का काम लिविंगस्टन की जितेश शर्मा के साथ पांचवें विकेट की साझेदारी में 38 गेंदों में 52 रनों ने किया.
जितेश ने 21 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के से 33 रन बनाए.
इस सीजन में लगातार देखा जा रहा है कि जो टीमें पॉवरप्ले में अच्छा प्रदर्शन कर रहीं हैं, वही जीत रही हैं. विराट कोहली बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में कैच आउट हो गए. इसके बाद दबाव में आरसीबी लड़खड़ा गई. पहले छह ओवरों में 38 रनों पर उसने तीन विकेट खो दिए.
आरसीबी की दिक्कत यह रही कि सभी बल्लेबाज़ों ने विकेट पर टिकने के बजाय आते ही बड़े शॉट खेलने के चक्कर में अपने विकेट गंवा दिए.
विकेट से गेंदबाज़ों को मूवमेंट मिलने की वजह से टीम लगातार दिक्कत में फंसती चली गई. गुजरात टाइटंस के गेंदबाज़ों ने भी अच्छी गेंदबाज़ी की. उन्होंने बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने की छूट नहीं दी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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