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स्कूल बस का पीला रंग (Yellow Colour) इस वज़ह से होता है। जिसे सुनकर चौंक जाएंगे आप! ╻

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स्कूल बस के पीले रंग के पीछे यह है वज़ह, क्या आप पहले से जानते थे इसे?

रंगों की दुनिया बड़ी निराली है। क्या आप जानते हैं कि कोई एक रंग हमें विशेष पसंद क्यों होता है? ऐसा इसलिए कि उस रंग से जुड़ी कुछ खासियत होती है जो हममें छुपी होती है। हर व्यक्ति को अलग-अलग रंग पसंद होता है। किसी को लाल तो किसी को ग़ुलाबी तो किसी को कोई और अन्य रंग। इतना ही नहीं रंगों की प्रकृति के अनुसार इंसानों ने रंगो का अलग अलग मतलब भी तय किया है। जैसे कि हरे रंग का मतलब सुरक्षित या खुशहाली होती है। वही लाल रंग का मलतब खतरा होता है। जानकारी के लिए बता दें कि लाल रंग की वेवलेंथ (Wave Length) सबसे ज्यादा होता है इसीलिए लाल रंग को हम अन्य रंग की तुलना में सबसे ज्यादा दूर से देख सकते है। वही पीले रंग की वेवलेंथ लाल से कम और ब्लू रंग से ज्यादा होती है।

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चलिए अब आपसे एक सवाल पूछते हैं। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि स्कूल बस को पीले रंग का पेंट क्यों किया जाता है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक (Scientific) कारण है? आपने ध्यान दिया होगा कि हर स्कूल बस पर अपने स्कूल का नाम होता है और ये बस पीले रंग की पेंट होती हैं। रंगों का अपना ही एक महत्व है। अगर हम देखें तो ट्रैफिक लाइट में अलग-अलग रंगों की लाइट लगाई गई हैं जिसकी मदद से ट्रैफिक को नियंत्रित (Control) किया जाता है। उसी प्रकार से स्कूल बस को भी एक रंग दिया गया है और वो है पीला।

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आइए जानते है कि स्कूल बसों को सिर्फ़ पीले रंग (Yellow Colour) से क्यों पेंट किया जाता है। बता दें कि इसके पीछे कई कारण है। जिनमें से एक सुप्रीम कोर्ट (Suprim Court) द्वारा स्कूलों (School Bus) में बदलाव के लिए जारी की गई कुछ गाइडलाइन्स हैं। जो 2012 में जारी की गई थी। जिनमें निम्न बातें कही गई थी। पहली बात स्कूल की बसों पर स्कूल का नाम होना चाहिए। दूसरी बात प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर अंकित होना चाहिए। वही फर्स्ट एड (First Aid) की सुविधा भी बसों में उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बसों में स्पीड गवर्नर (Speed Governor) होना चाहिए ताकि बसों की Speed का निर्धारण किया जा सके। साथ ही साथ स्कूल बस के ड्राईवर का वेरिफिकेशन (Verification) भी होना चाहिए। इसी आदेश में बस को पीले रंग से पेंट किए जाने की बात भी कही गई थी।

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वही बसों को पीला रंग देने के पीछे एक कारण यह भी है कि यह रंग ऐसा है। जिसे हम आसानी से बहुत दूर से ही देख सकते है। बारिश, कोहरा और ओस में भी हम इस रंग को आसानी से देख पाते है। इतना ही नहीं यदि हम बहुत सारे रंगों को एक साथ देखें तो पीला रंग सबसे पहले हमारा ध्यान आकर्षित करता है। वही स्कूल बस का पीला रंग होने में वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) देखें तो इसके अनुसार पीले रंग का Lateral Peripheral Vision लाल रंग की तुलना में 1.24 गुना ज्यादा होता है। इसका मतलब है कि बाकी रंगों की तुलना (Comparison) में पीले रंग में 1.24 गुना ज्यादा Attraction होता है और अन्य किसी भी रंग की तुलना में ये आंखों को जल्दी दिखाई देता है। ऐसे में भले ही आप सीधा ना देख रहे हो तब भी आप आसानी से पीले रंग को देख पाते है। इसलिए स्कूल बस को पीले रंग से पेंट किया जाता है ताकि हाइवे (Highway) पर एक्सीडेंट की संभावना ना के बराबर हो और बच्चे सुरक्षित (Safety) अपने घर पहुंच सके।

वही आपको बता दें कि सबसे पहले अमेरिका में 1930 में इस बात की पुष्टि हुई थी कि अन्य रंगों की तुलना में पीले रंग में ज्यादा Attraction होता है। यहां तक कि कुछ Token Board को भी तो पीले रंग से पेंट किया जाता है। एक विशेष बात सिर्फ़ भारत मे ही नहीं बल्कि विदेशों में भी स्कूल बसो (School Bus) का रंग पीला ही होता है। ऐसे में अब आशा करते है कि आपको पता चल गया होगा कि स्कूल बसों का रंग पीला ही क्यों होता है।

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