नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ की दुनियाभर में आलोचना हो रही है। चीन ने तो जबावी कार्रवाई भी कर दी है। वहीं ट्रंप ने भारी-भरकम टैरिफ के मामले में गरीब देशों को भी नहीं छोड़ा है। उन्होंने अफ्रीका के सबसे गरीब देशों में शामिल लेसोथो पर 50% का भारी टैक्स लगा दिया है। इससे लेसोथो के लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। इस कदम को लेकर एक कारोबारी ने ट्रंप की समझदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।कारोबारी अरनॉड बर्ट्रैंड (Arnaud Bertrand) ने ट्रंप के इस इस फैसले को 'आर्थिक रूप से बेतुका' बताया है। उनका कहना है कि ट्रंप की रेसिप्रोकल टैक्स के पीछे कोई समझदारी नहीं है। अरनॉड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। क्या लिखा है पोस्ट में?अरनॉड ने अपनी पोस्ट में लिखा है, 'लेसोथो की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) सिर्फ 2.4 अरब डॉलर है। ऐसे गरीब देश पर 50% टैक्स लगाना समझ से परे है। यह ट्रंप की योजना के तहत सबसे ज्यादा टैक्स है।अरनॉड ने कहा कि यह बहुत ही अजीब बात है कि लेसोथो जैसे गरीब देश को सजा दी जा रही है। वहां आधी से ज्यादा आबादी 3.65 डॉलर से भी कम में गुजारा करती है। यानी, इतने कम पैसे में कोई आईफोन या टेस्ला कैसे खरीद सकता है? SACU के देशों पर कितना टैक्स?लेसोथो, दक्षिणी अफ्रीका का एक छोटा सा देश है। यह Southern African Customs Union (SACU) का हिस्सा है। इस यूनियन में साउथ अफ्रीका, नामीबिया, एस्वातिनी और बोत्सवाना भी शामिल हैं। इन सभी देशों पर एक जैसा टैक्स लगना चाहिए, लेकिन ट्रंप ने इन सभी देशों पर अलग-अलग टैक्स लगाया है। लेसोथो पर 50%, साउथ अफ्रीका पर 30%, नामीबिया पर 21%, बोत्सवाना पर 37% और एस्वातिनी पर सिर्फ 10% टैक्स लगाया गया है।
टैक्स लगाने का फॉर्मूला बतायाअरनॉड ने लेसोथो का उदाहरण देते हुए समझाया कि अमेरिका ने कैसे टैक्स लगाया। अमेरिका ने लेसोथो पर 50% टैक्स इसलिए लगाया क्योंकि उनका मानना है कि लेसोथो भी अमेरिका पर लगभग इतना ही टैक्स लगाता है।इनका कहना है कि इससे पता चलता है कि टैक्स व्यापार नीतियों के आधार पर नहीं लगाया गया है। बल्कि, यह एक 'सरल और आर्थिक रूप से बेवकूफी भरी' फॉर्मूले पर आधारित है। उनके अनुसार, अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार घाटे (अमेरिकी इंपोर्ट और एक्सपोर्ट के बीच का अंतर) को देश के एक्सपोर्ट से भाग दिया है। फिर, उस संख्या का आधा हिस्सा रेसिप्रोकल के नाम पर टैक्स के रूप में लगाया है।To illustrate just how nonsensically these tariffs were calculated, take the example of Lesotho, one of the poorest countries in Africa with just $2.4 billion in annual GDP, which is being struck with a 50% tariff rate under the Trump plan, the highest rate among all countries on… https://t.co/aiofAhpLF3
— Arnaud Bertrand (@RnaudBertrand) April 3, 2025
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