Next Story
Newszop

"फिट इंडिया, फिट उत्तराखंड" अभियान में पुलिस का दमदार कदम, महिला पुलिसकर्मियों और छात्राओं को मिला खास प्रशिक्षण

Send Push

देहरादून की पुलिस लाइन में एक खास परेड का आयोजन हुआ, जो न सिर्फ पुलिस जवानों की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए था, बल्कि महिलाओं और छात्राओं को आत्मरक्षा का पाठ पढ़ाने का भी मंच बना। उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री के "फिट इंडिया, फिट उत्तराखंड" अभियान को गति देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने इस पहल की कमान संभाली।

परेड में मौजूद जवानों को शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहने की प्रेरणा दी गई, ताकि वे अपनी ड्यूटी को और बेहतर तरीके से निभा सकें। साथ ही, अधिकारियों को नियमित परेड आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिससे पुलिस कर्मियों का स्वास्थ्य और अनुशासन बना रहे।

आत्मरक्षा की ट्रेनिंग: महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल

परेड के बाद पुलिस लाइन में एक खास कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों और स्कूली छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान जूडो, वू-शू और सेल्फ डिफेंस में प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों ने डेमो के जरिए आत्मरक्षा के गुर सिखाए। एसएसपी देहरादून ने खुद मौजूद रहकर बताया कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण हर महिला के लिए कितना जरूरी है।

उन्होंने कहा, "यह न सिर्फ शारीरिक और मानसिक ताकत बढ़ाता है, बल्कि आत्मविश्वास भी देता है, जिससे महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए तैयार रह सकें।" यह सत्र न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि व्यावहारिक भी, क्योंकि इसमें रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों पर जोर दिया गया।

साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर जागरूकता

कार्यशाला का एक अहम हिस्सा महिला और बाल अपराधों पर जागरूकता बढ़ाना भी था। वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों ने कानून में महिलाओं के लिए मौजूद प्रावधानों और उनके अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा, आज के डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर भी चर्चा हुई।

साइबर ठगों के तरीकों को समझाते हुए बचाव के आसान उपाय बताए गए, जैसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करना और अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखना। यह सत्र खास तौर पर छात्राओं के लिए उपयोगी रहा, जो तकनीक के इस युग में सबसे ज्यादा जोखिम में रहती हैं।

एक कदम फिटनेस और सुरक्षा की ओर

यह आयोजन न सिर्फ पुलिस बल को फिट रखने की दिशा में एक कदम था, बल्कि समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक बड़ी पहल साबित हुआ। देहरादून पुलिस की यह कोशिश न केवल जवानों के लिए प्रेरणादायक रही, बल्कि आम लोगों, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए भी एक संदेश लेकर आई कि फिटनेस और जागरूकता ही आज की सबसे बड़ी ताकत है।

Loving Newspoint? Download the app now